Monday, September 13, 2010

तिरेथन भैया.. 'दि रिब्यु मनेजर'|

माँ बाप ने ने बड़े प्यार से नाम रखा था 'त्रेतानाथ' अब गाँव में ई नाम कौन ले? ससुरी मतलब भी तो नहीं पता, सो नाम हो गया 'तिरेथना' गाँव के कुछ लड़के शहर से कमा के लौटे तो 'स्टेंडर' भाषा सीख के आये थे,तो 'स्टेंडर' भाषा में 'तिरेथना' बन गया 'तिरेथन'|शादी ब्याह,दो बच्चे हुए अब गांव के सीनियरों में गिने जाने लगे तो 'तिरेथन' से 'तिरेथन भैया' बन गए| ई तो था तिरेथन भैया के नाम का 'इंट्रोडकसन' अब रहा सवाल काम का,अरे भई मतलब भैया जी काम का करते है? तो बंधुओं भैया जी 'रिब्यु मनेजर'(रिव्यू मैनेजर)हैं, वैसे ये नाम तो हमने भी नया नया सुना है मगर भैया जी तो खुद को यही बताते हैं| वैसे एक और खास बात है भैया जी की, खुद को छोड़ के गांव के सारे लोगों को अनपढ़ गंवार ही समझते हैं|

किसी ने कभी भैया जी से ये पूछने की गुस्ताखी कर दी "भैया जी ई रिब्यु मनेजर का होत है"? बस फिर क्या था लगा दी भैया जी ने झिड़की "धत्त ससुर अनपढ़ गंवार, अरे रिब्यु मनेजर का मतलब होत है जौन आपन 'रिब्यु' माने विचार देत है ओ के रिब्यु मनेजर कहत हैं जैसे हम"| तो बंधुओं तिरेथन भैया आज कल रिब्यु माने अपने विचार देते हैं, फिल्मों पर, राजनीति पर, सामाजिक क्रिया कलापों पर , और विचार देते हैं गाँव के सबसे 'इंटरेस्टिंग' एवं 'इंटरटेनिंग' 'स्पाट' पर यानी की 'भैया की चौपाल' में|अब कल पाँड़े जी ने भैया जी को पूछ कर उकसा दिया...

"भैया जी सुनत हैं दिल्ली में कौनो खेल होवे वाला है, बड़ी हो हल्ला है बाजार में"!

"हाँ ... कामन वेल्थ गेम होत है दिल्ली में"|

"कामन वेल्थ गेम ?? ई कौन खेल है? कब्बो नाम नाही सुना"|

"हाँ ससुर कहाँ से सुनेगा 'मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए' से फुर्सत मिलेगा तब तो कौनो काम के चीज सुनेगा ??

बहुत बड़ा खेल है, सरकार करावत है"|

"उ तो ठीक है भैया जी मगर ई का मतलब का होत है"?

"पढ़े लिखे के समय तो स्कूल से भाग मास्टर जी की मुर्गी के नीचे से अंडा चुरात रहा.. अब पूछत है मतलब का होत है? अरे ई का मतलब तो ई के नाम में ही है, 'कामन' माने सबका, 'वेल्थ' माने धन,'गेम' माने खेल, मतलब जौन खेल करावे से सरकार में सबके बीच धन का बंटवारा होत है उ के कहत हैं कामन वेल्थ गेम.."|

"लेकिन भैया जी .. ई धन सरकार के कौन देत है "?

"तोहार भौजी देत है और बोल का कर लेगा ... अरे सरकार के धन कौन देगा सरकार अपने ले लेत है फंड में से .. लेकिन धन निकाले खातिर कौनो बहाना होवे के चाही ना ?? तो अबकी ई खेल है बहाना ...धन आएगा, फिर सबमे बटने का खेल होगा ..हो गया ना 'कामन वेल्थ गेम'"|

"लेकिन भैया जी.... कहीं पकड़ा गए तो"?

"अरे ससुर कहा न बहुत बड़ा खेल है ई..तोहार गुल्ली डंडा नाही है की गुल्ली ले के भगा और पकड़ा गया.. खिलाडी कम सरकार ज्यादा खेलेगी, सब इंतजाम पहले ही हो चुका है, अब बताओ चालीस करोड़ का तो खाली गुब्बारा खरीदी है सरकार और सात करोड़ का तौलिया , अरबों के ठेके दिए गए हैं, करोड़ों की सुरक्षा मशीन विदेश से आ रही है, खेल के बाद सरकार को हिसाब देने में कौनो कष्ट थोड़े होगा, बोल देगी की गुब्बारे उड़ गए, तौलिये खिलाडी ले गए, मशीन खराब हो गयी और खुदा न खास्ता खेलों के बाद एक भी स्टेडियम ढह गया तो बस हो समझो अरबों भीतर और नहीं भी ढहा तो कमीशन तो पहले ही आ चुका होगा ...और वैसे भी आज तक कुछ हुआ है इनलोगों को जो अब होगा ?? उ तो बेचारा मधु कोड़ा, निरीह प्राणी... सिपाही था शहीद हो गया लेकिन कुछ दिन रुक जाओ देखना मामला ठंडा होते ही उसको भी बचा लेंगे सब"|

"मान गए भैया जी ई तो सच मुच बहुत बड़ा खेल है, और सरकार भी बहुत चालू है"|

"अरे ढपोरशंख.....! चालू नाही है तो चल कैसे रही है "?

"अच्छा भैया जी....सुना है यमुना में पानी बढ़ गया है दिल्ली में बाढ़ आ गयी है, अगर खेलों तक ऐसे ही पानी बना रहा तो का होगा"?

"अरे ससुर शुभ शुभ बोल ....कहीं कलमाड़ी ने सुन लिया तो तोहके उसी बाढ़ के पानी में डुबो देगा ...वैसे इसका भी इंतज़ाम है सरकार के पास, अगर पानी ऐसे ही बना रहा तो तैराकी का खेल उसी में करवा देगी और बोल देगी की पर्यावरण को समर्पित इस आयोजन को नदी के पानी में करवाया जा रहा है, का पता अगली बार नोबेल शीला जी को ही मिल जाये"!

"का बात है! का बात है! वैसे आपको का लगता है भैया जी अगर कलमाड़ी से ई बाढ़ वाला सवाल पूछा जाये तो का जवाब हो सकता है"?

"का जवाब होगा ... कुछ ऐसा बोल सकते हैं कलमाड़ी साहेब

"या उफनती जमुना का रुख मोड़ देंगे हम,
या तैयारियों के सब रिकार्ड तोड़ देंगे हम,
औ' खेल का आयोजन न कर सके अगर,
हिस्सा ले अध्यक्ष को पद को छोड़ देंगे हम"

"चल पाँड़े अब और सवाल मत पूछ बहुत काम पड़ा है अभी 'दबंग' देखने भी जाना है आखिर उ पर भी तो रिब्यु देना है"|